किसी विश्वविद्यालय का नाम वीपी सिंह जी के नाम से रखा जाए: नासिर


लखनऊ (25 जून) राजा विश्वनाथ प्रताप सिंह सिर्फ किसी एक राज्य के राजा नहीं बल्कि पूरे देश के राजा थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने अपने राजा का कर्तव्य पूरी ईमानदारी और सहनशीलता से निभाया। उन्होंने सत्ता और अपनी कुर्सी की चिंता नहीं की बल्कि पूरे देश की जनता को समृद्ध बनाकर और उन्हें समान अधिकार दिलाकर राजा होने का महत्वपूर्ण कर्तव्य निभाया। उन्हें एक वर्ग तक सीमित रखना अनुचित होगा। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।

ये विचार होटल हयात रेजीडेंसी गोमती नगर में वीपी सिंह मेमोरियल कमेटी के तहत आयोजित वार्षिक कार्यक्रम एवं सेमिनार ‘सामाजिक न्याय में वीपी सिंह का योगदान’ में वक्ताओं ने व्यक्त किये। समारोह की अध्यक्षता समिति के संस्थापक अब्दुल नसीर नासिर ने की। इस मौके पर श्री नासिर ने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश की जनता पर वीपी सिंह के बहुत अहसान हैं।

उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कर वंचित वर्गों को संवैधानिक, कानूनी, अधिकार दिये। मीठी भाषा उर्दू को दूसरी राजभाषा का दर्जा दिया, पैगम्बरे इस्लाम के जन्म दिवस 12 रबीउल अव्वल पर पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया। उनके नाम से विश्वविद्यालय बनाया जाए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पूर्व मंत्री डॉ. अम्मार रिजवी ने वीपी सिंह सरकार में मंत्री रहते हुए उनके साथ बिताए गए समय और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उनकी ईमानदारी और संवेदनशीलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वीपी सिंह ने हमेशा जनता के लिए काम किया। कभी भी सरकारी पद का इस्तेमाल अपने खुद या पार्टी के लिए नहीं किया।

इस मौके पर डॉ. रिजवी ने प्रस्ताव रखा कि वीपी सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए. जिसका राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष और वीपी सिंह के करीबी अशोक सिंह समेत सभी प्रतिभागियों ने समर्थन किया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि सपा0 के प्रवक्ता डा0 आशुतोष वर्मा(मशहूर बाल चिकित्सक) ने उन्हें किसी एक वर्ग में सीमित करना अन्याय होगा वह सबके लीडर थे। उनमें पद की लालसा से बढ़ कर कार्य करने की क्षमता थी। इसके अलावा कार्यक्रम में कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष्य अशोक सिंह, भजपा के हद्रय राम, रामबहादुर, पूर्व मंत्री आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर समाज की कई प्रमुख हस्तियों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

सपा के राम लोटन निषाद ने कहा की 69% आरक्षण तमिलनाडु में 1925 से है तो भारत सरकार और राज्य सरकारें इसका अनुसरण करते हुए इसे लागू करें। प्रो. महेंद्र कुशवाहा ने कहा की आज जो जाति जनगणना की बात हो रही है ये वी. पी. सिंह जी की देन है। संसद में जो महिला आरक्षण पास हुआ है उसमें समाज की पिछड़ी और अति पिछड़ी महिलाओं की भी हिस्सेदारी होनी चाहिए। कांग्रेसी लीडर अरशद आज़मी ने शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम में अफजाल सिद्दीकी, डा0 जिया राम वर्मा, डी0पी सिंह, अनवर आलम, जफर सिद्दीकी, मुजीबुर्रहमान, सईद अहमद, फातिमा हसन, अकील अहमद, आफाक अहमद, आफताब एडवोकेट आदि सहित बड़ी संख्या में सामाजिक न्याय, समान अधिकार के लिए संघर्ष करने वाले लोग, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी शामिल हैं।

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